"संकल्प हमारा - सहयोग आपका"
शिक्षा का उत्थान मानवता का कल्याण
"समाजहित । जनहित । जनसेवा के लिए एक-पहल"
जनसेवा ही लक्ष्य जनसेवा ही प्राथमिकता
"हमारा प्रथम और अतिम लक्ष्य "जनसेवा" हैं।"
'हमारा उद्देश्य है किसी भी रूप में जनसेवा' करना "
"हमारा लक्ष्य समाज में सहयोग की भावना जागृत करना है।"
●-मनुष्य के जीवन में कुछ कार्य ऐसे भी होते है जो मनुष्य को किसी भी परिस्थिति में करने अति आवश्यक होते हैं। जिनमें से कुछ सामन्यतः निम्नलिखित है-
1-अपने परिवार में किसी भी सदस्य के बीमार होने पर समय से सुचारू रूप से उपचार, चिकित्सा, दवा, निवारण, उपाय, और देखभाल करना ।
2-अपने परिवार में किसी भी सदस्य के साथ असमय दुघर्टना/घायल आदि के समय पर देखभाल / पर्याप्त इलाज कराना/सही समय पर उपचार कराना।
3-अपने परिवार का उत्तम, श्रेष्ठ,अच्छा पालन-पोषण /देखभाल करना।
4-अपने भाई, बहिन, बेटी,बेटा आदि को सही समय पर श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान कराना।
5-अपने भाई, बहिन, बेटी,बेटा आदि की सही समय पर शादी करना।
6-अपने परिवार की आवश्यकता हेतु पर्याप्त संसाधन/सुविधा आदि जो जीवन यापन के लिए अति आवश्यक हो समय से उपलब्ध कराना।
- उपरोक्त दिये गये सभी कार्य/इनके अलावा भी कुछ अन्य अति आवश्यक कार्य मनुष्य को प्रत्येक परिस्थिति में करने अति आवश्यक होते हैं फिर चाहे परिस्थिति आपके अनुकूल हो या प्रतिकूल हो।
- सामन्यतः निर्धन, निराश्रित,विधवा, दिव्यांग,वृद्ध एवं किसी भी रूप से आर्थिक असहाय व्यक्ति उपरोक्त दिए गए कार्य अपने सगे संबंधियों/अन्य परिचित/बैंक आदि से ब्याज की दर से उधार रूपए लेकर भी करते हैं। कभी कभी तो कर्ज इतना अधिक हो जाता है कि लोगों को अपनी जमीन अचल संपत्ति/चल संपत्ति तक बेचनी पड़ती हैं लेकिन कर्ज फिर भी नहीं समाप्त होता है और कर्ज पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहता है जिस कारण असहाय लोग अपने परिवार का भली भाँति पालन-पोषण, बीमारी का सही समय पर ईलाज, बच्चों को समय से शिक्षा आदि नहीं दे पाते हैं और ना ही जीवन जीने के पर्याप्त संसाधन की व्यवस्था कर पाते हैं इन सभी के कारण लोगो की स्थिति और गंभीर हो जाती हैं,आर्थिक रूप से कमजोर हो जाते है और जीवन यापन बहुत कठिन हो जाता है।
-ऊपर दिए गई सभी बातों को ध्यान में रखकर हम/आप सभी ने मिलकर एक विशेष सहयोग पहल शुरू जा रही हैं जिसका नाम "संकल्प हमारा-सहयोग आपका "
-हम सभी मिलकर एक दूसरे का अपने परिवार की भाति विषम परिस्थितियों में सहयोग करके अपने प्रियजनों को ब्याज की दर पर लिए गए रुपये से मुक्त और उनकी जमीनें से बचा सकेंगे आदि राहत कार्य दिलाने के साथ साथ अपने प्रियजनों को नई ऊर्जा,नई दिशा,नया जीवन देने का कार्य भी करेंगे इसलिए हमारा आप सभी से निवेदन है कि असहाय व्यक्तियो की ऊर्जा और रोशनी बनने का कार्य करें।
-यह कार्य व्यवसाय / पेशा/ किसी भी प्रकार के लाभ आदि को त्यागकर निश्वार्थ भावना से शुरु किया गया है।
-किसी भी रूप में जनसेवा करना ही हमारा /आपका प्रथम और अंतिम लक्ष्य है।
"हमारा प्रथम और अंतिम उद्देश्य" किसी भी प्रकार से मानवता का सहयोग करना
1-मनुष्य को जीवन में पीड़ा,दुःख आदि विभिन्न प्रकार की विषम परिस्तिथियों का सामना करना पड़ता है इन सभी विषम परिस्थितियों की भावना को ध्यान में रखकर मनुष्य के जीवन आने वाली कठिनाइयों,विषम परिस्थितियों आदि के समय पर सहयोग/ मदद करने की भावना जागृत करने के उद्देश्य से यह पहल आप/हम सबके सहयोग के लिए यह कार्य शुरू किया जा रहा है।
2-वृद्धा आश्रम,अनाथ आलय,दिव्यांग आलय,निर्धन, निराश्रित, दिव्यांग, अनाथ, वृद्ध एवं किसी भी रूप से असहाय व्यक्तियों के लिए प्रत्येक परिस्थिति में किसी भी प्रकार से सहयोग/मदद करना ही हमारा प्राथमिक और अंतिम लक्ष्य है।
3-समाज में सद्भाव बनाये रखने व राष्ट्रप्रेम की भावना को सदैव बढ़ाने हेतु विचार गोष्ठियो, सदभावना सभाओं के द्वारा जन जन को जागरूक करना।
4-निर्धन / असहाय/दिव्यांग /निराश्रित/वृद्ध अनाथ एवं किसी भी असहाय व्यक्तियों को किसी भी रूप में सहयोग करना_जैसे- खाद्य सामग्री वितरण करना, चिकित्सा शिविर लगवाना, औषधि विवरण कराना, वस्त्र वितरण कराना, बच्चों के लिए शिक्षा सामग्री/ शिक्षा शुल्क आदि अन्य किसी भी प्रकार का सहयोग करना।
5-बेटियों के लिए स्वरोजगार हेतु सिलाई, बुनाई, पेटिंग आदि का निशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था कराना एवं बेटियों की शादी में सहयोग करना।
6-पर्यावरण व सामाजिक उत्थान के लिए स्कूल, विद्यालय, महाविद्यालयों आदि में विचार गोष्ठियाँ करना।
7-बच्चों एवं युवाओं में देश भक्ति की भावना तथा देशहित में कार्य करने का संदेश देने का कार्य करना।
8-महिलाएं व पुरुषों के स्वरोजगार हेतु सिलाई, बुनाई, पेंटिंग आदि विभिन्न रोजगार हेतु प्रोत्साहित करना व निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था करना, ताकि आजीविका चलाना सुगम हो सके।
9-पर्यावरण के लिए वृक्षारोपण करना व शुद्ध पेयजल , भोजन आदि की व्यवस्था करना।
10-गाँव-गाँव जाकर निरीक्षण कर असहाय व्यक्तियों का विभिन्न रूप में सहयोग करना।
11-समाज के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने हेतु अवसर सृजन करना।
12-विद्यालय,स्कूल, महाविधालय, छात्रावास, वृद्धाश्राम, अनाथ आलय, दिव्यांग आलय आदि में समय- समय पर विभिन्न प्रकार से सहयोग करना।
13-समाज उत्थान में इस तकनीकि युग में कम्यूटर शिक्षण व प्रशिक्षण पर सभी प्रकार के कार्यकम आयोजित करना।
14-समाज में समाज हित के कार्य करना,सहयोग की भावना जाग्रत करना।
15- किसी भी प्रकार के सहयोग करना प्राथमिक और अंतिम लक्ष्य।
"सदस्यता लेने के लिए आवश्यक योग्यताएं
1-सभी सज्जनों से सादर निवेदन है कि 'पहल' के सभी दिशा-निर्देश /नियम-शर्तों को भली भांति ध्यानपूर्वक पढ़ने की कृपा करें।
2-भारत का नागरिक होना अति आवश्यक हैं। जिसमें व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से 65 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
3-सदस्यता लेने के लिए पंजीकरण के माध्यम से सौ रुपये (100 रूपए) का अनुदान संस्था को देना अनिवार्य होगा।
4-सदस्यता की अवधि एक वर्ष होगी।
5-सदस्यता समाप्त होने की दशा में आपको पुनः सदस्यता लेने के लिए संस्था के लिए एक सौ रुपये(100 रूपए)का अनुदान प्रति वर्ष देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर सदस्यता समाप्त हो जायेगी।
6-सहयोग ना करने की अधिकतम सीमा पार करने पर सदस्यता समाप्त हो जायेगी,लगातार तीन बार सहयोग/मदद नहीं करने की दशा में व्यक्ति की सदस्यता समाप्त हो जायेगी।
7-महिला/पुरुष/बच्चे आदि सभी सदस्यता के पात्र होंगे।
8-पति-पत्नि एवं बच्चे एक ही परिवार के सभी का सदस्य,सदस्यता के पात्र होंगे।
9-किसी भी प्रकार का न्यायिक चुनौती का अधिकार किसी भी सदस्य के पास नहीं होगा।
10-शिक्षित,अशिक्षित, रोजगार, बेरोजगार, व्यापारी, विद्यार्थी एवं किसी भी सरकारी या निजी क्षेत्र में कार्यरत या सेवानिवृत्त आदि व्यक्ति सदस्यता लेने के लिए सक्षम होंगे है,किसी भी प्रकार की कोई बाध्यता नहीं है।
11-व्यक्ति के पास/नामिनी/ परिवार के किसी भी व्यक्ति पास एक बैंक खाता होना अति आवश्यक है।
12-व्यक्ति के पास/नॉमिनी के पास अपना आधार कार्ड होना अति आवश्यक हैं।
13-व्यक्ति के पास/नॉमिनी/परिवार में किसी सदस्य के पास एक मोबाइल नंबर होना अति आवश्यक है।
14-जब किसी भी सदस्य की सहायता हेतु सहयोग करने के लिए कहा जाए तब सहयोग करना अनिवार्य होगा।
-जब आप पंजीकरण करते समय जो धन राशि पंजीकृत के माध्यम से संस्था को अनुदान के रूप में देते हैं इस प्राप्त धन राशि से वृद्धा आश्रम,अनाथ आलय,दिव्यांग आलय,निर्धन, निराश्रित, दिव्यांग, अनाथ, वृद्ध एवं किसी भी रूप से असहाय व्यक्तियों के लिए सहयोग के में रूप खाद्य सामग्री, वस्त्र वितरण, चिकित्सा शिविर, औषधि आदि अन्य अति आवश्यक जीवन जीने हेतु सुविधा/संसाधन की समय समय पर व्यवस्था कराना और इनके बच्चों की बेहतर शिक्षा की व्यवस्था कराना,बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग कराना अन्य किसी भी प्रकार सहयोग करना, बेटियों के लिए स्वरोजगार हेतु सिलाई बुनाई, पेंटिंग आदि के लिए प्रोत्साहित व निशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था कराना आदि सभी कार्य होंगे।
-सभी सज्जनों से सादर निवेदन है कि इस पहल' के विषय में सगे- संबंधियों/अपने परिचितों / पड़ोशियों/ अपने प्रियजनों आदि अन्य सभी को इसकी विशेषता बताकर सदस्यता लेने के लिए प्रेरित करने का कार्य भी करें।
-जितने अधिक व्यक्ति 'इस पहल' के सदस्य होगे उतना ही अधिक सहयोग हम सब सभी मिलकर कर पायेंगे एवं अधिक से अधिक लोगों की विभिन्न रूप में मदद करना सम्भव हो सकेगा।
-समाज में समाज हित के कार्य करना,सहयोग की भावना जाग्रत करना।
आप सभी से निवेदन है नियम एवं शर्तों को ध्यानपूर्वक अवश्य पढ़े।
1-सभी सज्जनों से सादर निवेदन है कि 'पहल' के सभी दिशा-निर्देश /नियम-शर्तों को भली भांति ध्यानपूर्वक पढ़ने की कृपा करें।
2-'पहल' के अन्तर्गत किसी भी परिवर्तन/ बदलाव होता है तो व्हाट्सएप्प /वेबसाइट के माध्यम से सभी को कोई सूचित कर दिया जायेगा।
3-सूचनाओ के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से आप सभी सदस्यों को सूचनाओं से अवगत किया जायेगा।
4-यदि किसी व्यक्ति की पीड़ा,दुःख आदि अन्य किसी भी विषम परिस्थिति में सहयोग के लिए कहा जाए तब इस अवस्था में प्रत्येक सदस्य को सहयोग करना अनिवार्य होगा।
5-सहयोग करने से प्रत्येक व्यक्ति के मन में सहयोग की भावना जागृत होगी और इससे प्रत्येक व्यक्ति की विषम परिस्थिति में सहयोग कर पीड़ित सदस्य को नई ऊर्जा, नई दिशा,नई रोशनी एवं नया जीवन देने का कार्य करेंगे।
6-सदस्यता लेने के लिए पंजीकरण के माध्यम से सौ रुपये (100 रूपए) का अनुदान संस्था को देना अनिवार्य होगा।
7-सदस्यता की अवधि एक वर्ष होगी।
8-सदस्यता समाप्त होने की दशा में आपको पुनः सदस्यता लेने के लिए संस्था के लिए एक सौ रुपये(100 रूपए)का अनुदान प्रति वर्ष देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर सदस्यता समाप्त हो जायेगी।
9-सहयोग ना करने की अधिकतम सीमा पार करने पर सदस्यता समाप्त हो जायेगी,लगातार तीन बार सहयोग/मदद नहीं करने की दशा में व्यक्ति की सदस्यता समाप्त हो जायेगी।
10-किसी भी सदस्य के पास किसी भी प्रकार का न्यायिक चुनौती का अधिकार नहीं होगा।
11-किसी भी पदाधिकारी/सदस्य के साथ कोई भी सदस्य अभद्र व्यवहार/अपशब्द की भाषा को प्रयोग करने पर सदस्य के साक्ष्य मिलने पर सदस्यता निरस्त कर विधिक कार्यवाही की जायेगी।
12-संस्था/पहल के विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया जाने पर सदस्य की सदस्यता निरस्त कर विधिक कार्यवाही की जायेगी।
13-कोई भी सदस्य संस्था/पहल के खिलाफ दुष्प्रचार/अफवाह फैलाने बिना साक्ष्य आरोप लगाने पर व्यक्ति की सदस्यता समाप्त कर विधिक कार्यवाही की जायेगी।
14-बेटी विवाह सहयोग में लाभार्थी को शादी से एक महीने(30 दिवस) पहले अपना आवेदन बेवसाइट के माध्यम से करना होगा।
15-बेटी की उम्र 18 वर्ष से कम होने पर सहयोग नहीं होगा ताकि बाल विवाह पर रोक लगाई जा सके ।
16-बेटी विवाह के लिए 30 दिवस पूर्व आवेदन इसलिए अनिवार्य है ताकि दस्तावेजों का भली भांति सत्यापन कर सहयोग करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
आप सभी से निवेदन है कि हम किसी सदस्य के दुख , पीड़ा में सहयोग करते हैं तो अगर हमारे साथ कोई दुःख,पीड़ा होती तभी वह व्यक्ति हमारे लिए कर पायेगा , इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के दुख एवं पीड़ा आदि विषम परिस्थितियों में सहयोग कर उन परिवारों को नई दिशा,नई रोशनी ,नई ऊर्जा एवं नया जीवन देने का कार्य करे आपके द्वारा किया गया अमूल्य सहयोग न जाने कितने परिवारों के लिए नई ऊर्जा,नया जीवन ,नई रोशनी देगा इसलिए मेरा आप सभी से निवेदन है कि पीड़ित,असहाय परिवारों की ऊर्जा रोशनी बने।
आप सभी द्वारा पंजीकरण के माध्यम से संस्था को किया गया सहयोग से कुछ निम्नलिखित संस्था के कार्य जोकि संघालन के लिए अति आवश्यक है।
●वेवसाइट का निर्माण / सुचारू रूप से संचालन करना।
●वेवसाइट का निर्माण / सुचारू रूप से देखभाल करना।
●कार्यालय की देखभाल करना ।
●प्रचार-प्रसार में करना।
●सदस्यता अभियान में करना ।
●दस्तावेजों की देखभाल/रखरखाव करना।
●समय समय पर नई तकनीकि लाने, प्रक्रिया पारदर्शीता के साथ आसान बनाने आदि का कार्य करना।
●कुछ अन्य कार्य भी होंगे जो इस कार्य को सुचारु रूप से संचालन हेतु अति आवश्यक होगे,सभी प्रकार के कार्यो में व्यय आप सभी द्वारा दिया गया संस्था को अनुदान से ही किया जाएगा।
●किसी भी सहायता के लिए संपर्क सूत्र- 9457834420
●आप सभी से सादर निवेदन है कि इस 'पहल' में अधिक से अधिक व्यक्ति सम्मिलित होकर अपने परिवार की भाँति प्रत्येक पीड़ित एवं असहाय नागरिक का सहयोग कर पीड़ित,असहाय परिवारों को नया जीवन,नई रोशनी नई ऊर्जा देने का कार्य करे।आपके द्वारा किया गया सहयोग ना जाने कितने पीड़ित,असहाय परिवारों को नया जीवन, नई ऊर्जा, नई रोशनी दे सकता है इसलिए आप सभी से मेरा निवेदन है कि पीड़ित,असहाय परिवारों की ऊर्जा बने।
●हम प्रकृति से आपके और आपके परिवार के उज्जवल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, एवं दीघायु की अनन्त मंगल कामनाएं करते है। हम यह भी कामना करते हैं आप सभी स्वस्थ्य रहे,खुश रहें एवं प्रगति करते रहें।
हम आप सभी के शुभचिंतक हैं।
